A modern Hindi love [mohabbat],romantic poetry based on betray in love titled "SARHAD"

                        सरहद 

मेरे यारा
सरहद ना पार करियो इश्क़ की
दो पल  खुशियों के बदले
मिलेंगे जख्म ताउम्र की
मोहब्बत के नाम पे
करते है कुछ लोग
 सौदा हुस्न की
खुदा की इनायत है ये मोहब्बत
इसे जीस्मो की हवस में ना बदलो
 ये तौफा दिया है रब ने
ज़िन्दगी आसान बनाने के लिए
ये मोहब्बत है,
और इसे मोहब्बत ही रहने दो

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1 Comments

Thankyou so much for the appreciation.

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