A HINDI POETRY ''सुकून'' [sukoon]

sukun
कहां मैं भटक रही हूं
सुकून की तलाश में
पूछना है ये सवाल मुझे
अपनी हालात से
गुजरे समय की क्या बात करू
कुछ खास नहीं मुझे याद है
जो कुछ खास थे मेरे पास कभी
अब जाने कहां गुमनाम है।

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5 Comments

  1. शुक्रिया जनाब आपने तो हमारा दिल जीत लिया

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Thankyou so much for the appreciation.

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